कोटा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने नगर निगम के एक संविदाकर्मी अखिलेश मीणा को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। एसीबी के अनुसार, अखिलेश मीणा परिवादी से नगर निगम कोटा के बाहर यह रिश्वत राशि ले रहा था। इस कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह रिश्वत किसी काम को करवाने के एवज में मांगी गई थी। एसीबी की टीम गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। इस दौरान, कार्रवाई की भनक लगते ही एक अन्य संविदाकर्मी आरोपी नरेश वर्मा मौके से फरार हो गया। एसीबी की टीम उसकी तलाश कर रही है। एसीबी के अनुसार, अखिलेश अपने भाई भरत मीणा की जगह काफी समय से नगर निगम में काम कर रहा था। भरत मीणा वर्ष 2025 से महात्मा गांधी श्रमिक ठेके के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े काम में लगा था। अब यह जांच की जा रही है कि भरत किस कंपनी या ठेका एजेंसी के माध्यम से काम कर रहा था और क्या अधिकारियों या एजेंसी को अखिलेश के उसके स्थान पर काम करने की जानकारी थी। परिवादी द्वारा प्रस्तुत शिकायत के क्रम में, 1 अक्टूबर को रिश्वत की मांग का सत्यापन करवाया गया था। सत्यापन के दौरान आरोपी अखिलेश मीणा द्वारा 10,000 रुपये और आरोपी नरेश वर्मा द्वारा 5,000 रुपये की रिश्वत राशि की मांग किया जाना पाया गया। परिवादी को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मकान निर्माण के लिए प्राप्त धनराशि की प्रथम किश्त 50,000 रुपये में से नगर निगम कोटा के संविदाकर्मी अखिलेश मीणा एवं नरेश वर्मा द्वारा रिश्वत राशि की मांग की जा रही थी। साथ ही, रिश्वत नहीं देने पर आगामी किश्तें स्वीकृत नहीं होने देने की धमकी दी जा रही थी। एसीबी आपके वैध कार्य को करवाने में पूरी सहायता करेगी। ठेका व्यवस्था भी जांच के घेरे में है।
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नगर निगम संविदाकर्मी 10 हजार रिश्वत लेते पकड़ा
6 अक्टूबर 2026 को 12:44 am बजे

नगर निगम संविदाकर्मी 10 हजार रिश्वत लेते पकड़ा



