बिहार के 10 जिलों में रेलवे फाटकों पर लगने वाले जाम से लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। समस्तीपुर रेल मंडल के तहत 37 रोड ओवरब्रिज (आरओबी) और सीमित ऊंचाई वाले भूमिगत रास्तों के निर्माण की योजना को आगे बढ़ाया गया है। रेलवे ने इन सभी परियोजनाओं को विशेष रेल परियोजना का दर्जा दिया है, जिसके बाद अब संबंधित जिलों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य उन रेलवे फाटकों पर सड़क यातायात को सुगम बनाना है, जहां ट्रेनों के गुजरने के दौरान फाटक बंद होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। आरओबी और भूमिगत रास्तों के निर्माण के बाद वाहनों को रेलवे फाटक खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे लोगों के समय की बचत के साथ सड़क और रेल यातायात को भी सुचारू बनाए रखने में मदद मिलेगी। समस्तीपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले इन 37 परियोजनाओं में कुल 36 स्थानों पर रोड ओवरब्रिज और एक स्थान पर सीमित ऊंचाई वाले भूमिगत रास्ते का निर्माण प्रस्तावित है। परियोजनाओं की संख्या के लिहाज से दरभंगा जिला सबसे आगे है, जहां 9 स्थानों पर आरओबी बनाए जाएंगे। इसके बाद सहरसा में 6, सीतामढ़ी में 5 और सुपौल में 4 आरओबी बनाए जाने की योजना है। मधुबनी, पूर्णिया और समस्तीपुर में 3-3 परियोजनाएं, जबकि खगड़िया में 2 तथा बेगूसराय और पश्चिम चंपारण में 1-1 आरओबी प्रस्तावित हैं। इन 37 परियोजनाओं को विशेष रेल परियोजना घोषित किए जाने के बाद 28 सितंबर को संबंधित गजट प्रकाशित किया गया। सीतामढ़ी में रीगा, ढेंग और डुमरा रेलवे यार्ड समेत कुल 5 स्थानों पर आरओबी प्रस्तावित हैं।
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बिहार के 10 जिलों में रेलवे फाटकों पर लगने वाले जाम से लोगों को जल्द मिलेगी राहत, 37 आरओबी और अंडरपास की योजनाएं बढ़ीं
6 अक्टूबर 2026 को 12:44 am बजे



