एचएसबीसी ने 2027 में सोने की कीमतों में फिर से तेजी आने का अनुमान लगाया है। बैंक का मानना है कि मौजूदा तिमाही में सोने की कीमतों पर डॉलर की मजबूती, ऊंची ब्याज दरों की उम्मीदें और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें जैसे कारक दबाव डाल रहे हैं। हालांकि, भविष्य में केंद्रीय बैंकों की खरीदारी, भारत और चीन में संस्थागत मांग, भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति में संभावित बदलाव जैसे कारक 2027 में सोने की कीमतों को फिर से बढ़ावा दे सकते हैं। यह रिपोर्ट सोने के बाजार के विश्लेषकों के बीच एक महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बन गई है, जो निवेशकों को भविष्य की रणनीति बनाने में मदद कर सकती है। एचएसबीसी के अनुसार, वैश्विक केंद्रीय बैंक अपनी विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाने के लिए लगातार सोने की खरीदारी कर रहे हैं। यह खरीद सोने की कीमतों के लिए एक तरह का न्यूनतम समर्थन प्रदान करती है। इसके अतिरिक्त, भू-राजनीतिक तनाव और दीर्घकालिक आधार पर रिजर्व को विविध बनाने की आवश्यकता भी सोने की कीमतों को समर्थन दे सकती है। ये कारक वैश्विक अनिश्चितता के समय में सोने को एक सुरक्षित निवेश के रूप में स्थापित करते हैं। भारत और चीन में सोने की संस्थागत मांग भी काफी मजबूत बनी हुई है। इन दोनों देशों में, प्रॉपर्टी और इक्विटी बाजारों में कमजोरी के कारण निवेशक सोने को एक वैकल्पिक निवेश साधन के रूप में देख रहे हैं। वित्तीय संस्थानों के लिए भी, नियामक परिवर्तनों के कारण सोने में निवेश के अवसर बढ़ रहे हैं। यह संस्थागत खरीद सोने की कीमतों को स्थिर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। हालांकि, सामान्य उपभोक्ताओं से आभूषणों की मांग सोने की कीमतों में भारी वृद्धि के कारण कमजोर हो गई है। एचएसबीसी का अनुमान है कि जब तक ऊंची कीमतें बनी रहेंगी, तब तक आभूषणों की मांग में तत्काल सुधार की संभावना कम है। यह प्रवृत्ति उन बाजारों में विशेष रूप से देखी जा रही है जहां सोने की कीमत सीधे उपभोक्ता की क्रय शक्ति को प्रभावित करती है। इसके विपरीत, यदि सोने में निवेश के प्रति रुचि फिर से बढ़ती है, तो ईटीएफ बार और अन्य निवेश माध्यमों से इसकी मांग बढ़ सकती है। यह दर्शाता है कि जबकि आभूषणों की मांग मौसमी या मूल्य-संवेदनशील हो सकती है, निवेश की मांग व्यापक आर्थिक कारकों और बाजार की धारणाओं से अधिक प्रभावित होती है। एचएसबीसी ने पहले सोने की कीमतों के लिए अपनी औसत वार्षिक अनुमान को कम कर दिया था, लेकिन फिर भी सोने के प्रति अपनी दीर्घकालिक सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखी है। हालांकि, ताजा विश्लेषण में, बैंक ने कहा है कि निकट अवधि के दबाव के बाद, यदि 2027 में स्थितियां अनुकूल रहती हैं, तो सोना फिर से ऊपर जा सकता है। वर्तमान में, सोने की कीमतों पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों का गहरा प्रभाव पड़ रहा है। बाजार को उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व अपनी मौद्रिक नीति को और सख्त करेगा, जिससे अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड पर रिटर्न बढ़ेगा। इससे सोने की आकर्षकता कम हो जाती है, क्योंकि सोना ब्याज-मुक्त संपत्ति है। हालांकि, इसके बाद कीमतों में भारी गिरावट आई और जून के अंत तक यह लगभग $3,942 तक गिर गई।
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सोने की कीमतों को लेकर एचएसबीसी का बड़ा दावा: 2027 में फिर से करेंगी वापसी
6 अक्टूबर 2026 को 12:44 am बजे

सोने की कीमतों को लेकर एचएसबीसी का बड़ा दावा: 2027 में फिर से करेंगी वापसी
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