निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई, राज्यकर कार्यालय के कक्ष से दोनों को दबोचा
दैनिक बिहार पत्रिका | बेगूसराय। भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई में बेगूसराय से राज्यकर विभाग के एक सहायक आयुक्त और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर को 25 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राज्यकर, बेगूसराय अंचल के सहायक आयुक्त प्रकाश चन्द्र मोहन और सहायक आयुक्त कार्यालय के डाटा एंट्री ऑपरेटर संतोष कुमार झा के रूप में हुई है। दोनों की गिरफ्तारी 6 अक्टूबर को राज्यकर कार्यालय के एक कक्ष से की गई।
जानकारी के अनुसार, बेगूसराय निवासी परिवादी ज्योति कुमार ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक नोटिस का निपटारा हो जाने के बावजूद दोबारा नोटिस भेजकर कड़ी कार्रवाई का दबाव बनाया जा रहा था। शिकायतकर्ता के अनुसार, मामले को समाप्त करने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायत प्राप्त होने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत की मांग किए जाने की पुष्टि होने के बाद निगरानी थाना में मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक सतीश चन्द्र माधव के नेतृत्व में धावादल का गठन किया गया।
धावादल ने निर्धारित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को 25 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की कार्रवाई राज्यकर कार्यालय के कक्ष में की गई।
गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों को विशेष न्यायालय, निगरानी, भागलपुर के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। मामले में आगे की जांच जारी है।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह 116वां प्राथमिकी मामला है, जबकि ट्रैप से संबंधित यह 106वां कांड है। ब्यूरो के अनुसार, इन मामलों में अब तक 107 अभियुक्तों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है।






