• ISB@25 स्कॉलर्स प्रोग्राम के तहत हर साल 250 स्कॉलरशिप दी जाएंगी। पीजीपी और पीजीपी वाईएल कोर्स के लिए फीस में 100% तक की छूट मिलेगी। • इंडिया रिसर्च कॉमन्स के जरिए देशभर के रिसर्चर्स को समान डेटा सेट, रिसर्च टूल्स और एआई आधारित रिसर्च सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। • देशभर के मैनेजमेंट संस्थानों तक ISB की शिक्षण पद्धति और टेक्नोलॉजी आधारित शिक्षा को पहुंचाने के लिए नया नेशनल फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू किया जाएगा। • ISB की स्थापना के 25 साल पूरे होने के मौके पर, यानी 2001 में स्थापना के बाद सिल्वर जुबली पर इन महत्वपूर्ण पहलों की घोषणा की गई है। हैदराबाद/मोहाली, अक्टूबर 2026: फाइनेंशियल टाइम्स ग्लोबल एमबीए रैंकिंग्स 2026 में भारत में पहले और दुनिया में 12वें स्थान पर रहे इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) ने अपनी 25वीं वर्षगांठ मनाई। इस मौके पर ISB@25 के तहत कई दीर्घकालीन पहलों की घोषणा की गई। इन पहलों का उद्देश्य मैनेजमेंट शिक्षा को अधिक से अधिक छात्रों तक पहुंचाना और भारत में रिसर्च और शिक्षण क्षमता को मजबूत करना है। ISB25 स्कॉलर्स प्रोग्राम के तहत ISB हर साल 250 स्कॉलरशिप देगा। ये स्कॉलरशिप ISB के प्रमुख पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (पीजीपी) और पीजीपी इन मैनेजमेंट फॉर यंग लीडर्स (पीजीपी वाईएल) कोर्स के लिए दी जाएंगी। स्कॉलरशिप छात्रों की योग्यता और आर्थिक जरूरत के आधार पर दी जाएगी। इसके तहत छात्रों को फीस में 100%, 50%, 30% और 25% तक की छूट मिलेगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ISB में अलग-अलग क्षेत्रों के प्रतिभाशाली छात्रों को अवसर देना है। अलग-अलग आर्थिक, भौगोलिक और प्रोफेशनल बैकग्राउंड वाले होनहार छात्रों को विश्वस्तरीय मैनेजमेंट शिक्षा मिल सके, इसके लिए यह प्रोग्राम शुरू किया गया है।
इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) के बारे में इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) भारत के सबसे ऊंची रैंकिंग वाले बिजनेस स्कूलों में से एक है और दुनिया के कई प्रमुख बिजनेस स्कूल रैंकिंग में भी इसका स्थान है। रिसर्च पर ध्यान देने वाले अनुभवी प्रोफेसर्स, मजबूत शैक्षणिक साझेदारी, सक्रिय पूर्व छात्र नेटवर्क, प्रभावी बोर्ड और उद्योग क्षेत्र के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से ISB ने कम समय में ही दुनिया के प्रमुख बिजनेस स्कूलों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। ISB भारत और दुनिया के लिए भविष्य के सक्षम लीडर्स को तैयार करने का काम कर रहा है।






