नए मतदाताओं को जोड़ने और विलोपित नामों की पुनः प्रविष्टि पर रहेगा फोकस
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, जिले में मतदाता सूची को अधिक समावेशी और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से 1 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2026 तक एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से वंचित न रहे। अभियान के तहत 1 जनवरी 2027 की स्थिति में 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले पात्र युवाओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे। साथ ही, एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से विलोपित हुए ऐसे व्यक्तियों, जो निर्धारित पात्रता रखते हैं, के नाम पुनः जोड़ने की कार्यवाही भी की जाएगी। इस संबंध में, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विकास मिश्रा की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान की जानकारी अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुंचाई जाए। विशेष रूप से पात्र युवाओं और उन नागरिकों को जागरूक करने पर जोर दिया गया, जिन्हें मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया की जानकारी नहीं है। अभियान को जनभागीदारी से प्रभावी बनाने के लिए जिले के हाट बाजारों एवं अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक प्रचार-प्रसार गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा, विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां नागरिकों को मतदाता सूची में नाम जोड़ने सहित आवश्यक निर्वाचन संबंधी प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी। कलेक्टर ने बताया कि महाविद्यालयों एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में भी विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। विशेष रूप से 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों एवं युवाओं को मतदाता पंजीयन के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि पात्र सभी युवा समय पर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकें। पात्र नागरिक अपने क्षेत्र के बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) से संपर्क कर फार्म-6 के माध्यम से मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं। बीएलओ को अभियान से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं प्रक्रिया समझाने के लिए ब्लॉक स्तर पर आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जा रही है। कलेक्टर ने राजनीतिक दलों से भी सहयोग की अपील की। उन्होंने बैठक में उपस्थित मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अभियान को सफल बनाने में सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। कलेक्टर ने कहा कि राजनीतिक दल अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) को सक्रिय करें और पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए जागरूक करने में सहयोग प्रदान करें। इस प्रशिक्षण के माध्यम से बीएलए को मतदाता सूची से संबंधित कार्यवाही और अभियान की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। कलेक्टर ने इस बात पर जोर दिया कि मतदाता सूची का शुद्ध एवं अद्यतन होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। इसलिए, निर्वाचन विभाग, बीएलओ, राजनीतिक दलों के बीएलए और आम नागरिकों के सामूहिक सहयोग से इस अभियान को प्रभावी बनाया जाए, ताकि जिले में कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान नए पात्र मतदाताओं को चिन्हित करने के साथ ऐसे नागरिकों को भी मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया की जाएगी, जिनके नाम एसआईआर के दौरान विलोपित हुए हैं और वे वर्तमान में मतदाता के रूप में पंजीयन के लिए पात्र हैं। बैठक में उपखंड अधिकारी गोपद बनास प्रिया पाठक, कांग्रेस से अखंड प्रताप सिंह, बीजेपी से अमित प्रधान, कम्युनिस्ट पार्टी से सुंदर सिंह बघेल, आप से साजन अग्रहरि सहित महाविद्यालयों से मास्टर ट्रेनर्स उपस्थित रहे। इन सभी ने अभियान को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाने का आश्वासन दिया। बीएलओ द्वारा पात्र नागरिकों को आवेदन प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक जानकारी एवं सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान 30 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान, बीएलओ पात्र नागरिकों को आवेदन प्रक्रिया के बारे में जानकारी और सहायता देंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी योग्य व्यक्ति सूची से बाहर न रहे। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य मतदाताओं की सूची को अधिक व्यापक और अद्यतन बनाना है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि हर योग्य नागरिक का नाम इसमें शामिल हो। यह कार्य न केवल निर्वाचन विभाग बल्कि सभी नागरिकों के सामूहिक प्रयास से ही संभव होगा।




