44.40 किलोमीटर रेलखंड होगा डबल, यात्री और मालगाड़ियों के परिचालन में बढ़ेगी क्षमता
खगड़िया और कोसी क्षेत्र के रेल यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। भारतीय रेलवे ने पूर्व मध्य रेल के अंतर्गत आने वाले मानसी–सहरसा रेलखंड के 44.40 किलोमीटर हिस्से के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर करीब 499 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। रेलवे के अनुसार, दोहरीकरण से इस व्यस्त रेल मार्ग की क्षमता बढ़ेगी और यात्री एवं माल परिवहन के परिचालन में सुविधा होगी।
वर्तमान में मानसी–सहरसा रेलखंड एकल लाइन वाला मार्ग है और इस पर यात्री एवं मालगाड़ियों का परिचालन होता है। रेलवे के मुताबिक इस सेक्शन पर दोनों दिशाओं में 24 जोड़ी यात्री ट्रेनों का परिचालन होता है। इसके अलावा गेहूं, मक्का, सीमेंट, उर्वरक, चावल, नमक, बालू, पत्थर और चीनी सहित विभिन्न आवश्यक वस्तुओं की माल ढुलाई भी इसी मार्ग से होती है।
रेलखंड के दोहरीकरण से अतिरिक्त लाइन क्षमता उपलब्ध होगी। इससे ट्रेनों के परिचालन में आने वाली बाधाओं को कम करने, परिचालन दक्षता बढ़ाने और समयपालन में सुधार करने में मदद मिलने की उम्मीद है। परियोजना के पूरा होने के बाद इस रेलखंड पर यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही को अधिक सुचारु बनाने में मदद मिलेगी।
रेलवे के अनुसार, दोहरीकरण परियोजना से प्रतिवर्ष अतिरिक्त 17.64 लाख टन माल ढुलाई की क्षमता को संभालने में सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे कृषि, निर्माण और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों के लिए माल परिवहन की व्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है।
मानसी–सहरसा रेलखंड खगड़िया, सहरसा और आसपास के क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण रेल संपर्क प्रदान करता है। परियोजना के पूरा होने के बाद रेल परिचालन में क्षमता बढ़ने से यात्रियों को सुविधा मिलने तथा क्षेत्र में माल परिवहन को गति मिलने की उम्मीद है।
इस परियोजना को लेकर स्थानीय स्तर पर लंबे समय से दोहरीकरण की मांग उठती रही है। अब मंजूरी मिलने के बाद लोगों की नजर इसके टेंडर, निर्माण कार्य शुरू होने और परियोजना के निर्धारित समय में पूरा होने पर है।






