एनएचआरसी के आदेश: वैकल्पिक जगह और सामान जब्ती पर रोक
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को 18 अक्टूबर तक रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है, जिसमें त्योहारों के दौरान वेंडर्स को वैकल्पिक स्थान देने और सामान की ज़ब्ती पर रोक लगाने के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा
त्योहारी सीजन शुरू होने वाला है और इसी के मद्देनजर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने स्ट्रीट वेंडर्स के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए सभी राज्यों को सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि नवरात्रि, दिवाली और छठ पूजा जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान स्थानीय विक्रेताओं, हॉकरों और कुम्हारों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाएगा और न ही उन्हें हटाया जाएगा। यह कदम 'वोकल फॉर लोकल' पहल को बढ़ावा देने और स्थानीय कारीगरों, पारंपरिक व्यवसायों व उत्पादों को प्रोत्साहित करने के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप है। एनएचआरसी का यह आदेश सुनिश्चित करेगा कि त्योहारों के मौसम में इन छोटे दुकानदारों को अपनी आजीविका चलाने में कोई बाधा न आए, जो अक्सर इस दौरान सबसे अधिक कमाई करते हैं। आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि यदि किसी भी कारणवश, विशेष रूप से अग्नि सुरक्षा या सार्वजनिक सुरक्षा जैसे कारणों से, विक्रेताओं को अपनी जगह खाली करानी पड़ती है, तो उन्हें पहले एक वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य होगा। बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए उन्हें हटाना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। यह सुनिश्चित करेगा कि विक्रेताओं को अचानक विस्थापित न होना पड़े और वे अपनी बिक्री जारी रख सकें। इसके अलावा, एनएचआरसी ने इस दौरान विक्रेताओं के सामान की ज़ब्ती और अवैध वसूली पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी है। यह कदम दुकानदारों को मनमाने ढंग से परेशान करने और उनकी कमाई का जरिया छीनने से रोकेगा। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी कर दिए हैं। इन निर्देशों में यह भी शामिल है कि आदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि सभी संबंधित पक्ष, जिनमें जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस बल शामिल हैं, इन नियमों से अवगत हों और उनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि विक्रेताओं से जबरन वसूली, उत्पीड़न या किसी भी प्रकार के अनुचित हस्तक्षेप की शिकायतों पर कानून के अनुसार तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। यह सुनिश्चित करेगा कि वेंडर्स को न्याय मिले और उन्हें किसी भी तरह के शोषण का सामना न करना पड़े। इस मामले में एनएचआरसी ने सभी प्रदेशों के मुख्य सचिवों से 18 अक्टूबर तक एक रिपोर्ट मांगी है।




