दवाओं की उपलब्धता से लेकर चिकित्सकों की उपस्थिति तक की जांच, मरीजों ने इलाज के नाम पर कथित वसूली की शिकायत की
खगड़िया/परबत्ता। कन्हैयाचक हाईस्कूल के पीछे सरकारी दवाइयां फेंके जाने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन डॉ. रामेंद्र कुमार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परबत्ता का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों को मिल रही सुविधाओं को लेकर कई शिकायतें सामने आईं। सीएस ने संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
औचक निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने अस्पताल में उपलब्ध सरकारी दवाओं, उनके वितरण और स्टॉक की स्थिति की जानकारी ली। कन्हैयाचक में सरकारी दवाइयां बाहर फेंके जाने के मामले को लेकर भी आवश्यक जानकारी जुटाई गई। इसके अलावा अस्पताल में पेयजल की व्यवस्था, चिकित्सकों की उपस्थिति और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का भी जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान मरीजों और उनके परिजनों की ओर से इलाज के नाम पर कथित रूप से राशि लिए जाने की शिकायत भी सिविल सर्जन के समक्ष रखी गई। इसके साथ ही जन्म प्रमाणपत्र बनवाने में हो रही परेशानी को लेकर भी लोगों ने अपनी शिकायत दर्ज कराई। सीएस ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मियों से जवाब-तलब किया और व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।
सिविल सर्जन डॉ. रामेंद्र कुमार ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध सभी सरकारी दवाओं की सूची सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाए, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को उपलब्ध दवाओं की जानकारी स्पष्ट रूप से मिल सके। उन्होंने अस्पताल से जुड़ी लंबित समस्याओं का एक सप्ताह के भीतर समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया।
सीएस ने स्पष्ट किया कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच के दौरान यदि किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सिविल सर्जन के औचक निरीक्षण के बाद सीएचसी परबत्ता के कर्मियों में हड़कंप की स्थिति बनी रही। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि निरीक्षण के दौरान सामने आई शिकायतों और सरकारी दवाइयां फेंके जाने के मामले में विभाग की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है।






