भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक उड़ान में एक बड़े आतंकवादी हमले को टाल दिया है। ओमानी मूल के को-पायलट हमाम अल-हम्मामी को लेकर जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिसने कैप्टन स्मित पर जानलेवा हमला किया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, हम्मामी ने एक सुनियोजित साजिश के तहत इस घटना को अंजाम देने की योजना बनाई थी। उसकी योजना के तहत पहले कैप्टन स्मित को जान से मारना और फिर पूरे विमान को इजरायली हवाई अड्डे पर किसी दूसरे विमान या बड़ी इमारत से टकराना था। अगर यह हमला सफल हो जाता तो विमान में सवार करीब 180 लोगों के अलावा भी सैकड़ों जानें जा सकती थीं, जिससे एक बहुत बड़ी तबाही मच सकती थी। हमाम अल-हम्मामी ने खुद कबूल किया है कि उसने एयरलाइन में शामिल होने से पहले ही इस हमले की पूरी योजना बना ली थी। उसने उन एयरलाइनों पर विशेष शोध किया था जो इजरायल के लिए सीधी उड़ानें संचालित करती थीं, ताकि वह आसानी से अपने लक्ष्य तक पहुंच सके। हम्मामी का मुख्य इरादा कैप्टन स्मित मच्छार को कॉकपिट के अंदर मारकर विमान का पूरा नियंत्रण हासिल करना था। इसके बाद वह विमान को तेल अवीव के बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट की इमारतों या रनवे पर खड़े विमानों से, या फिर शहर की किसी भी गगनचुंबी इमारत से टकराना चाहता था। यह योजना इतनी खतरनाक थी कि अगर यह सफल हो जाती तो इसके परिणाम विनाशकारी होते। हम्मामी के पास इस खतरनाक मंसूबे के लिए एक प्लान बी भी तैयार था। रिपोर्टों के मुताबिक, अगर वह इजरायली हवाई क्षेत्र तक नहीं पहुंच पाता, तो उसने विमान को जॉर्डन में स्थित अमरीकी सैन्य अड्डे से टकराने की एक बैकअप योजना बनाई थी। यह खुलासा उसकी मंशा की गंभीरता को दर्शाता है और यह बताता है कि वह किसी भी कीमत पर अपने मिशन को पूरा करना चाहता था। उसकी यह योजना उसकी कट्टरता और किसी भी हद तक जाने की उसकी प्रवृत्ति को उजागर करती है। यह भी पता चला है कि हमाम अल-हम्मामी जुलाई में ही इस आत्मघाती हमले को अंजाम देने वाला था। हालांकि, क्रू के एक सदस्य के साथ उसकी दोस्ती हो जाने के कारण वह धर्मसंकट में फंस गया था और उसने आखिरी समय में अपनी योजना टाल दी थी। इस दोस्ती ने शायद उसके अंदर मानवता की भावना को जगाया होगा, जिससे वह इतने बड़े नरसंहार से पीछे हट गया। यह घटनाक्रम दिखाता है कि कैसे मानवीय रिश्ते भी ऐसी भयावह योजनाओं को प्रभावित कर सकते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, हमाम अल-हम्मामी ने इस खतरनाक योजना को इतनी तेजी से लागू करने की तैयारी की थी कि लड़ाकू विमान भी इसमें दखल नहीं दे पाते। उसने पहले पायलट स्मित मच्छार के सिर और हाथ पर विमान में आपातकालीन स्थिति के लिए रखी कुल्हाड़ी से वार किया। इस हमले में स्मित का हाथ लगभग कट कर अलग हो गया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। यह क्रूरतापूर्ण हमला उसकी मंशा की क्रूरता को दर्शाता है। स्मित को गिराने के बाद, हमाम अल-हम्मामी ने कंट्रोल स्टिक के साथ छेड़छाड़ करके और फिर दोनों इंजन बंद करके विमान को क्रैश करने की कोशिश की। लेकिन कैप्टन स्मित मच्छार ने अपनी जान की परवाह न करते हुए, घायल अवस्था में भी विमान को बचाने के लिए संघर्ष किया।
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भारतीय पायलट के साहस से टला बड़ा हमला, को-पायलट की थी आत्मघाती साजिश
6 अक्टूबर 2026 को 12:44 am बजे

भारतीय पायलट के साहस से टला बड़ा हमला, को-पायलट की थी आत्मघाती साजिश
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