बिहार की वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी प्रीता वर्मा फिलहाल कार्यवाहक डीजीपी बनी रहेंगी। राज्य सरकार ने उनके इस अतिरिक्त प्रभार की अवधि को अगले आदेश तक बढ़ा दिया है। गृह विभाग ने इस संबंध में एक अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके अनुसार प्रीता वर्मा बिहार पुलिस महानिदेशक की जिम्मेदारी संभालती रहेंगी। यह पद विनय कुमार के वीआरएस लेने के बाद से खाली है। विनय कुमार के लंबी छुट्टी पर जाने के बाद प्रीता वर्मा को डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था, जिसके बाद उन्होंने वीआरएस ले लिया और उन्हें मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया। स्थायी डीजीपी की नियुक्ति को लेकर राज्य सरकार ने पात्र अधिकारियों के नामों की सूची संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को भेजी थी। यूपीएससी ने तीन अधिकारियों का एक पैनल तैयार कर राज्य सरकार को भेज दिया है। अब अंतिम निर्णय राज्य सरकार को लेना है कि इस पैनल में शामिल नामों में से किसे स्थायी डीजीपी बनाया जाएगा। इस नियुक्ति को लेकर सबकी निगाहें सरकार के फैसले पर टिकी हैं। डीजीपी पद की दौड़ में प्रीता वर्मा का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है, क्योंकि वह वर्तमान में बिहार पुलिस की कमान संभाल रही हैं। यदि उन्हें स्थायी डीजीपी नियुक्त किया जाता है, तो यह बिहार पुलिस के इतिहास में पहली बार होगा जब किसी महिला आईपीएस अधिकारी को इस सर्वोच्च पद की जिम्मेदारी मिलेगी। हालांकि, इस संबंध में सरकार की ओर से अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। प्रीता वर्मा के अलावा, 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी बी। श्रीनिवासन का नाम भी डीजीपी पद के लिए एक मजबूत दावेदार के तौर पर चर्चा में है। वह वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के महानिदेशक के पद पर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात हैं। इसके अतिरिक्त, 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी जितेंद्र सिंह गंगवार भी इस दौड़ में शामिल हैं। गंगवार का बिहार पुलिस प्रशासन में लंबा अनुभव है और वह पहले भी बिहार में डीजी विजिलेंस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वर्तमान स्थिति के अनुसार, जब तक राज्य सरकार स्थायी डीजीपी के संबंध में कोई अंतिम फैसला नहीं ले लेती, तब तक प्रीता वर्मा कार्यवाहक डीजीपी के तौर पर पुलिस मुख्यालय की जिम्मेदारी संभालती रहेंगी। यह व्यवस्था अगले आदेश तक जारी रहेगी।
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प्रीता वर्मा बिहार की कार्यवाहक डीजीपी बनी रहेंगी
6 अक्टूबर 2026 को 12:44 am बजे



