उपमुख्यमंत्री ने मोदी के कार्यकाल के विकास कार्यों और सेवा संकल्प अभियान की जानकारी दी
उन्होंने कहा कि केवल भवनों का निर्माण करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस भवन में व्यवस्था, प्रक्रिया और संस्थाओं का लगातार प्रभावी ढंग से संचालन होना अधिक महत्वपूर्ण है। विकास का उद्देश्य केवल बड़े निर्माण कार्य करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्थाएं और प्रक्रियाएं विकसित करना है, जो लंबे समय तक निरंतर चलती रहें और समाज के विभिन्न वर्गों तक विकास का लाभ पहुंचाएं। उन्होंने इसे समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। शर्मा ने गुजरात में शासन व्यवस्था में हुए संस्थागत बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां प्रशासनिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने, सरकारी व्यवस्था में सक्रियता लाने और जनसरोकार से जुड़े कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। उन्होंने अमूल और जिला स्तर की डेयरी सहकारी व्यवस्थाओं का भी उदाहरण दिया, जिससे किसानों और पशुपालकों को लाभ मिला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन और कार्यकाल को सेवा के लिए समर्पित किया है, और इसी भावना के साथ उनके जन्मदिवस के अवसर से एक माह तक विभिन्न सेवा कार्यों का आयोजन किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री ने सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत दिव्यांगजनों के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 05, 06 और 07 अक्टूबर को कांकेर, सुकमा, नारायणपुर, कोंडागांव और बस्तर सहित बस्तर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों में ग्राम सभाओं के माध्यम से दिव्यांगजनों की पहचान, पंजीकरण और उनकी आवश्यकताओं के अनुसार सहायता का कार्य किया जा रहा है। यह कार्य सरकारी व्यवस्था तक सीमित न होकर समाज की सहभागिता और भगवान महावीर दिव्यांगता सेवा समिति के सहयोग से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक सेवा पहुंचाने का संकल्प लिया गया है। यह प्रयास केवल किसी एक प्रकार की दिव्यांगता तक सीमित नहीं है, बल्कि जिसकी भी समस्या है, उसे साथ लेकर चलने का प्रयास किया जा रहा है।




