तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए, महागठबंधन करेगा निर्णायक संघर्ष
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महागठबंधन लोकतंत्र को बचाने के लिए निर्णायक संघर्ष करेगा। सोमवार को पटना में महागठबंधन के नेताओं के साथ बैठक के बाद उन्होंने कहा कि जब लोकतंत्र ही नहीं बचेगा तो चुनाव का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में महागठबंधन की बैठक में लिए गए निर्णय के तहत नरेंद्र मोदी, अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए देशव्यापी आंदोलन का कार्यक्रम तय किया गया है। तेजस्वी यादव ने बताया कि 7 अक्टूबर को नई दिल्ली में चुनाव आयोग के समक्ष लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों की ओर से ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ निकाला जाएगा। तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले चयन समिति में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शामिल होते थे, लेकिन अब उनकी जगह केंद्रीय मंत्री को सदस्य बनाया गया है, जिससे चुनाव आयोग की स्वतंत्रता प्रभावित हुई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के खिलाफ 14 बार शिकायतें की गईं, लेकिन उन पर उचित कार्रवाई नहीं हुई। तेजस्वी ने दावा किया कि सरकारी खजाने से हजारों करोड़ रुपये खर्च कर वोट खरीदने का प्रयास किया गया। उन्होंने बताया कि बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान जीवित लोगों के नाम मृतकों की सूची में डालने तथा मतदाता सूची से नाम हटाने में अनियमितताएं हुईं। तेजस्वी ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आचार संहिता के बावजूद महिलाओं के खातों में चुनाव के दौरान दस-दस हजार रुपये की राशि डाली गई, जिसका उद्देश्य एनडीए को राजनीतिक लाभ पहुंचाना था। उन्होंने कहा कि इससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े होते हैं। आंदोलन के कार्यक्रमों की घोषणा करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि 7 अक्टूबर को पूरे बिहार में प्रखंड स्तर पर आक्रोश मार्च निकाला जाएगा। इसके बाद 8 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा। इसी दिन पटना में उनके नेतृत्व में विधायक, विधान पार्षद और महागठबंधन के नेता सचिवालय के समीप 7 मूर्ति (शहीद स्मारक स्थल) से राजभवन तक ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ निकालेंगे। तेजस्वी यादव ने कहा कि देशभर में लोकतंत्र की रक्षा के लिए 6, 7 और 8 अक्टूबर को प्रस्तावित कार्यक्रमों के साथ पटना में भी एक बड़ी रैली आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि बिहार को लोकतंत्र की जननी माना जाता है और इसी बिहार से लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई को निर्णायक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि महागठबंधन चुनाव आयोग की कथित अनियमितताओं को जनता के सामने उजागर करेगा और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगा। राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए समय लिया जा रहा है। समय मिलने के बाद इंडिया गठबंधन के नेता राष्ट्रपति से मुलाकात कर मुख्य चुनाव आयुक्त और भाजपा के कथित गठजोड़ तथा चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि बिहार में लोकतंत्र बचाने की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा। इस बैठक और संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस, वीआईपी, सीपीआई, (एम), सीपीआई (माले), आईईपी और राजद के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इनमें कपिल देव प्रसाद यादव, मुकेश सहनी, रामनरेश पांडेय, धीरेंद्र झा, अजय कुमार, आईपी गुप्ता, आलोक कुमार मेहता, कुमार सर्वजीत, रणविजय साहू, शक्ति सिंह यादव, एजाज अहमद, देव कुमार ज्योति और मो। हसनैन सहित अन्य नेता शामिल थे।




