अलीगढ़ में एडीए (अलीगढ़ विकास प्राधिकरण) द्वारा होटलों पर की गई सीलिंग की कार्रवाई के विरोध में होटल कारोबारी पूरी तरह से लामबंद हो गए हैं। व्यापारियों द्वारा दी गई समय सीमा बीत जाने के बाद भी होटलों की सील न खुलने पर अब कारोबारियों ने आर-पार के आंदोलन का ऐलान कर दिया है। अलीगढ़ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन का आरोप है कि एडीए निचले स्तर के कर्मचारियों की फाइलों में दस्तावेज न होने का बहाना बनाकर दशकों पुराने,40-50 साल पुराने वैध होटलों को निशाना बना रहा है। कारोबारियों ने सवाल उठाया है कि साल 2018 के पुराने नोटिसों को आधार बनाकर अचानक यह एकतरफा सीलिंग क्यों की गई। एसोसिएशन के अनुसार, एडीए शहर की करीब 7,000 इमारतों को अवैध बताकर व्यापारियों में डर का माहौल पैदा कर रहा है। होटल कारोबारियों ने साफ कहा है कि “सीलिंग से डीलिंग का खेल बंद किया जाए। अगर इमारतें अवैध हैं तो उन्हें सीधे बुलड़ोजर से ध्वस्त कर दें, लेकिन इस तरह से प्रताड़ित न करें। कई होटलों के पास तो वर्ष 1976 और 1983-84 के स्वीकृत नक्शे तक मौजूद हैं। इसके बावजूद एडीए की कार्रवाई समझ से परे है। यह सीधा-सीधा उत्पीड़न है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसोसिएशन के अध्यक्ष मानव महाजन ने चेतावनी दी है कि यदि इस कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई, तो होटल संचालक अपने 18 से 20 हजार कर्मचारियों और उनके परिवारों के साथ सड़कों पर उतरेंगे और एडीए कार्यालय के बाहर उग्र प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन अब केवल होटलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें सभी प्रभावित व्यापारी वर्ग शामिल होंगे। कर्मचारियों के परिवारों का भविष्य भी दांव पर लगा है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, इसकी शिकायत सीधे प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी करने की तैयारी है। कारोबारियों का कहना है कि वे अपनी लड़ाई अंतिम दम तक लड़ेंगे और किसी भी कीमत पर झुकेंगे नहीं। उन्होंने सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की है। स्थानीय विधायक के हस्तक्षेप के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक दौर की वार्ता भी अपेक्षित है। हालांकि, कारोबारियों को इस वार्ता से ज्यादा उम्मीद नहीं है, क्योंकि पिछली बार भी आश्वासन दिए गए थे, लेकिन उन पर कोई अमल नहीं हुआ। होटल कारोबारियों के इस आंदोलन को अब शहर के दूसरे बड़े संघों का भी खुला समर्थन मिल गया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भी अस्पतालों से जुड़ी एडीए की पूर्व की कार्रवाइयों का मुद्दा उठाते हुए होटल कारोबारियों की मांगों का समर्थन किया है। आईएमए का कहना है कि एडीए की कार्यशैली से सभी व्यापारी वर्ग परेशान हैं। शहर के कोचिंग संचालकों ने भी इस आंदोलन में होटल एसोसिएशन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने की घोषणा की है। कोचिंग संचालकों का कहना है कि एडीए की मनमानी से व्यापार करना मुश्किल हो गया है। वे भी इस लड़ाई में होटल एसोसिएशन के साथ हैं।
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दशकों पुराने वैध होटलों पर एडीए की सीलिंग से नाराज व्यापारी, मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
6 अक्टूबर 2026 को 12:44 am बजे

दशकों पुराने वैध होटलों पर एडीए की सीलिंग से नाराज व्यापारी, मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
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