मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर (सिस्टमैटिक वोटर एजुकेशन एंड इलेक्टोरल लिटरेसी) प्रक्रिया को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस पार्टी अपनी 3 मांगों से पीछे नहीं हटेगी। इन मांगों में ज्ञानेश कुमार का इस्तीफ़ा, एसआईआर प्रक्रिया को रद्द करना और बैलेट पेपर से चुनाव कराना शामिल है। खड़गे ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि देशभर में कांग्रेस कार्यकर्ता और इंडिया गठबंधन के साथी इन तीन मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो भी सिविल सोसाइटी सदस्य और युवा संगठन इन मुद्दों पर देश में संघर्ष कर रहे हैं, कांग्रेस उनके साथ खड़ी है। खड़गे ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि तानाशाह बहुत घबराया हुआ है और ध्यान भटकाने के एक और अध्याय के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने दिल्ली में महिला पत्रकारों के कथित उत्पीड़न की भी निंदा की, जिसे उन्होंने बेहद निंदनीय बताया। विपक्ष का दावा है कि एसआईआर प्रक्रिया में बड़ी खामियां हैं और गलत तरीके से लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं। कई मौकों पर विपक्ष ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े किए हैं और इसी कारण बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग रखी है। इस विवाद के बीच, तेलंगाना के बीजेपी अध्यक्ष रामचंदर राव ने टिप्पणी की कि जब विपक्ष जीतता है तो चुनाव ठीक होता है, लेकिन हारने पर वह चुनाव आयोग पर सवाल उठाता है। वहीं, डीएमके के प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने सोमवार को कहा कि ज्ञानेश कुमार बीजेपी के गुलाम हैं और वे न्यूट्रल आदमी नहीं हैं। चुनाव आयोग ने एसआईआर मामले पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि यदि किसी मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाया गया है, तो वे विस्तृत विवरण के साथ आयोग से संपर्क करें। आयोग ने यह भी बताया कि इलेक्टोरल रोल को अधिक सटीक और भरोसेमंद बनाने के लिए एसआईआर प्रक्रिया को अलग-अलग चरणों में लागू किया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों के बीच 10 महीनों के अंदर 14 बार मतभेद देखे गए हैं, और चुनाव आयुक्तों ने इतनी ही बार लिखित आपत्ति भी दर्ज कराई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी एसआईआर को लेकर एक एक्स पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया भारत की चुनावी प्रणाली में दशकों से चली आ रही है। फडणवीस ने याद दिलाया कि चुनाव आयोग ने 1952 और 1956 के बीच देश के अधिकांश हिस्सों में एसआईआर का संचालन किया था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को बेहतर बनाने के लिए इसे विभिन्न चरणों में लागू किया है। विवाद के बीच, भाजपा का कहना है कि जब भी विपक्ष चुनाव हारता है, तो वह ईवीएम या चुनाव आयोग को दोष देने लगता है। यह आरोप विपक्ष द्वारा चुनाव परिणामों को स्वीकार न करने की प्रवृत्ति को दर्शाता है। विपक्ष की ओर से लगातार उठाई जा रही आवाजें और उनकी मांगें चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपनी पार्टी की तीन प्रमुख मांगों पर जोर दिया है। पहली, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफ़ा। दूसरी, एसआईआर प्रक्रिया को तत्काल रद्द किया जाए। और तीसरी, भविष्य के सभी चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से कराए जाएं। खड़गे ने कहा कि ये मांगें कांग्रेस पार्टी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इनसे किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। खड़गे ने यह भी बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ता और इंडिया गठबंधन के साथी देशभर में इन तीन मुद्दों को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने सिविल सोसाइटी के सदस्यों और युवा संगठनों के संघर्ष का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस उनके साथ खड़ी है। यह आंदोलन चुनावी सुधारों और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए है। एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विपक्ष का आक्रामक रुख जारी है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पद पर बने रहने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्ष चाहता है कि चुनावी प्रक्रिया में सुधार हो और मतदाताओं के हितों की रक्षा हो। एसआईआर प्रक्रिया में कथित खामियों को लेकर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। चुनाव आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर उठाई गई आपत्तियों का जवाब देते हुए कहा है कि यदि किसी मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाया गया है, तो वह आवश्यक विवरण के साथ संपर्क करे। आयोग ने मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने के लिए इस प्रक्रिया को महत्वपूर्ण बताया है। यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि कोई भी योग्य मतदाता वोट देने के अधिकार से वंचित न रहे। मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद और चुनाव आयुक्तों द्वारा दर्ज कराई गई लिखित आपत्तियों ने चुनावी संस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष इन मुद्दों को उठाते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव की मांग कर रहा है। बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग इसी दिशा में एक कदम है, ताकि चुनावी प्रक्रिया पर जनता का विश्वास बना रहे।
समाचार
कांग्रेस की तीन मांगों पर अड़ा विपक्ष, एसआईआर पर सवाल
6 अक्टूबर 2026 को 12:44 am बजे

कांग्रेस की तीन मांगों पर अड़ा विपक्ष, एसआईआर पर सवाल
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